अनुग्रहित हो जीवन उसका भीम गीत लिरिक्स

अनुग्रहित हो जीवन उसका  भीम गीत लिरिक्स

अनुग्रहित हो जीवन उसका
दस पारमिताओं से अनुग्रहित हो
बुद्ध की राह पर जो चले
सुख आनंदो से फुलो फले वो..
अनुग्रहित हो जीवन उसका
दस पारमिताओं से अनुग्रहित हो

उसने तो अपनी हर एक बात को
आदेश नही उपदेश कहा है..
शाप और वरदानो से हटकर
ग्यान की दृष्टी जब स्वीकृत हो..
अनुग्रहित हो जीवन उसका
दस पारमिताओं से अनुग्रहित हो

हर एक दुर्गुण करता बुराई
सम्यक मार्ग ही श्रेष्ठ कमाई..
ये जब समझे गा तु बंदे
जीवन तेरा तब समृद्ध हो..
अनुग्रहित हो जीवन उसका
दस पारमिताओं से अनुग्रहित हो

अनुग्रहित हो जीवन उसका
दस पारमिताओं से अनुग्रहित हो
बुद्ध की राह पर जो चले
सुख आनंदो से फुलो फले वो..

गायक :- अनुप जलोटा..

Dr babasaheb Ambedkar

 

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